चुनाव लोकतंत्र का सब से बड़ा पर्व है यह भारत देश को एक लोकतान्त्रिक चुनी हुई सरकार सरकार देता है.सभी दल इसमें हिस्सा लेते है और अपने उम्मीदवारों को चुनाव मैंदान में उतारते है.यही उम्मीदवार चुनाव जीत कर लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में जनता के प्रतिनिधि के रूप में प्रवेश करते है और सपथ लेते है की जनता के लिए काम करेगे.६५ सालो से यही प्रक्रिया जारी है पर राजनीति हर बार एक नए दल को जन्म देती है इस बार भी राजनीति के मैदान में एक नए दल आम आदमी का जन्म हुआ है.आम आमदी पार्टी मुख्य रूप से आन्दोलन से उत्तपन हुई पार्टी है इसके समर्थक माध्यम वर्ग का पढ़ा लिखा परिवार ,युवा और समाज के वह तवके है जो मूल्य रूप से शोषित और गरीब है इस दल के मुख्य समर्थक और ताकत है.यह राजनितिक दल स्वराज आधारित व्यवस्था का हिमायती और समर्थक है.इस दल के गठन से लेकर अब तक इसने बहुत लम्बा सफ़र तय किया है की वह क्या करे यह समझने के लिए क्यों की इसमें अधिकतर वह लोग है जो समाजसेवी आन्दोलन करी है राजनितिक ज्ञान न होने के कारन कभी कभी इसमें विरोधावास भी उत्तपन हो जाता है जिससे समाज में इसके प्रति एक नकारात्मक छवि उत्पन्न होने लगी.यह स्वाभाविक है अगर समाज में आप के समर्थक है तो विरोधी भी होगे यह सर्वभोमिक सत्य है.
आम आदमी पार्टी पूरी अरविन्द केजरीवाल के आस-पास आ कर सिमट जाती है,यह इस पार्टी की मुख्य कमजोरी है.इस पार्टी के अन्य और जो नेता है उनका अपना कोई क्षेत्रीय जनाधार नहीं है इसलिए इस पार्टी का विस्तार तो पुरे देश में हुआ पर यह अपना कोई क्षेत्रिय नेता नहीं पैदा कर पाया क्यों की सभी डेल्ही में काम करना चाहते है टी.वी. चंनेलो में आना चाहते है पर जमीनी तह पर कोई काम नहीं करना चाहता है.
पार्टी को बने एक साल से ज्यादा हो गया है पर पूरा देश आम आदमी पार्टी में सिर्फ पञ्च या छः चहरे ही जनता है उनमे से भी कई ऐसे चहरे है जो इस बार चुनाव नहीं लड़ना चाहते है लड़ना भी चाहते है तो अपनी मन पसंद सीट से.अगर मन पसंद सीट से ही चुनाव लड़ना है फिर किस बात के नेता एक साल से टी.वी चंनेलो में चेहरा चमकाने का क्या फ़ायदा.
आम आदमी पार्टी अगर जल्दी अपने अंदर सुधार नहीं करती है तो वह सिर्फ एक क्षेत्रीय पार्टी बन कर रह जाएगी और डेल्ही तक सिमित जाएगी.
इस पार्टी को अपनी कथनी और करनी को एक करना होगा,आप इमानदार है बहुत अच्छी बात है पर आप इमानदारी अपनी पार्टी में भी बरते.स्वराज सिर्फ भारत देश और लोगो के लिए नहीं होना चाहिए स्वराज आपके और आपके पार्टी के लिए भी होना चहिये.
देश को आपकी जरुरत है इसलिए आम आदमी पार्टी को अपने आन्तरिक व्यवस्था में सुधार लाना होगा.अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था का आदर करना होगा.टी.वी. चेंनेल वाले नेता नहीं जमीनी नेता पैदा करने होगे तब हम आनेवाले आगामी विधान सभा चुनाव जो यु.पी.,गुजरात,बंगाल में होने वाले है वह अपनी ताकत दिखा पायेगे.
जय हिन्द
आपका
चंद्रमणि मिश्र